सोमवार, 23 जून 2014

 तुम साथ होते हो 

तुम साथ होते हो
तो दुनिया
अपनी सी होती
नींद
ख्वाब लिए आती है
ख्वाब मेरी रातों में रंग भरते
रात उतरती है
नर्म-नर्म
मुलायम
सपने लिए और मैं झुकती हूँ पृथ्वी को चूमने !
पृथ्वी है तो सपने उगते रहेंगे
सपने हैं तो प्रेम बसा रहेगा हमारे दिलों में....निवेदिता

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