तुम साथ होते हो
तुम साथ होते हो
तो दुनिया
अपनी सी होती
नींद
ख्वाब लिए आती है
ख्वाब मेरी रातों में रंग भरते
रात उतरती है
नर्म-नर्म
मुलायम
सपने लिए और मैं झुकती हूँ पृथ्वी को चूमने !
पृथ्वी है तो सपने उगते रहेंगे
सपने हैं तो प्रेम बसा रहेगा हमारे दिलों में....निवेदिता
तुम साथ होते हो
तो दुनिया
अपनी सी होती
नींद
ख्वाब लिए आती है
ख्वाब मेरी रातों में रंग भरते
रात उतरती है
नर्म-नर्म
मुलायम
सपने लिए और मैं झुकती हूँ पृथ्वी को चूमने !
पृथ्वी है तो सपने उगते रहेंगे
सपने हैं तो प्रेम बसा रहेगा हमारे दिलों में....निवेदिता